RANCHI : राहुल सिंह गैंग के प्रमुख गैंगस्टर राहुल सिंह ने पुलिस और मीडिया को सलाह देते हुए कहा कि उनका नाम या उनके गिरोह के किसी भी सदस्य का नाम किसी अन्य आपराधिक नेटवर्क से न जोड़ा जाए.

बिहार के पटना जिले के मसौढ़ी में हुए कथित एनकाउंटर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. इस एनकाउंटर में पकड़े गए परमानंद यादव को लेकर राहुल सिंह गैंग के प्रमुख गैंगस्टर राहुल सिंह ने प्रेस रिलीज जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं. सोशल मीडिया में एक पोस्ट के माध्यम से राहुल सिंह ने लिखा है कि परमानंद यादव उनका भाई है और उनका या उनके परिवार का किसी भी कुख्यात गैंग, विशेष रूप से लॉरेंस बिश्नोई गैंग या किसी अन्य आपराधिक गिरोह से कोई संबंध नहीं है.
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राहुल सिंह ने पुलिस और मीडिया से अपील करते हुए कहा है कि उनका नाम या उनके गिरोह के किसी भी सदस्य का नाम किसी अन्य आपराधिक नेटवर्क से न जोड़ा जाए. उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार में किसी भी व्यापारी को उनके या उनके लोगों द्वारा कॉल अथवा मैसेज नहीं किया गया है. यदि बिहार के किसी जिले में उनके या उनके समूह के किसी सदस्य पर एफआईआर दर्ज होने की बात कही जा रही है, तो वह पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद है.
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प्रेस बयान में सबसे गंभीर आरोप बिहार एसटीएफ की कार्रवाई को लेकर लगाए गए हैं. राहुल सिंह का कहना है कि परमानंद यादव के साथ दिखाई जा रही मुठभेड़ की घटना पूरी तरह से मनगढ़ंत है. उनके अनुसार, परमानंद 21 जनवरी की रात करीब 9 बजे पटना बस स्टैंड से झारखंड आने वाला था और न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था. इसी दौरान उसे बस स्टैंड से उठा लिया गया. राहुल सिंह का दावा है कि परमानंद के पास न तो कोई बाइक थी और न ही कोई हथियार.
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उन्होंने इसे एक पूर्व नियोजित कार्रवाई बताते हुए बिहार एसटीएफ पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. अंत में राहुल सिंह ने न्यायालय और झारखंड सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और अफवाहों पर विराम लगे.
