RANCHI:पूर्व DGP अनुराग गुप्ता की नियुक्ति पर उठे विवाद के बाद अब झारखंड के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तदाशा मिश्रा को उनके रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले DGP बनाए जाने पर आपत्ति जताई है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड सरकार को पत्र लिखकर न केवल तदाशा मिश्रा की नियुक्ति प्रक्रिया को गलत बताया है, बल्कि बीते तीन बार की DGP नियुक्तियों को भी नियमों के विरुद्ध करार दिया है. मंत्रालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि IPS अधिकारी तदाशा मिश्रा की रिटायरमेंट 31 दिसंबर 2025 को निर्धारित है.
गृह मंत्रालय द्वारा 13 जनवरी को किए गए पत्राचार में कहा गया है कि DGP पद पर की गई यह नियुक्ति निर्धारित नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है.
पत्र के अनुसार, 6 नवंबर 2025 को तत्कालीन DGP अनुराग गुप्ता के पद से इस्तीफा देने के बाद तदाशा मिश्रा को प्रभारी DGP नियुक्त किया गया था.उस समय उनकी सेवा अवधि मात्र दो माह शेष थी. इसके बावजूद, जब उनकी सेवा अवधि समाप्त होने में केवल एक दिन बचा था, तब उन्हें स्थायी DGP बना दिया गया.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस पूरी प्रक्रिया को नियुक्ति नियमों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है. इस मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार की भूमिका और DGP नियुक्ति प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.
