PAKUR : मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला समिति की महत्वपूर्ण बैठक आहुत की गई जिसमें महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू, पार्टी के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा, जिला अध्यक्ष अजीजुल इस्लाम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. बैठक में जिला भर के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे. आयोजित बैठक का सबसे बड़ा और अहम मुद्दा पाकुड़ और साहिबगंज में रेल सुविधाओं को लेकर रहा जिसके लिए पिछले चार दिनों से आंदोलन चल रहा है. इस आंदोलन में रेल मार्ग से पत्थरों की ढुलाई पुरी तरह से ठप्प कर दिया गया है.
बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ने कहा कि पाकुड़ और साहिबगंज जिला रेल सुविधाओं से वंचित है. पाकुड़ और साहिबगंज स्टेशन से दिल्ली या पटना के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है. यहां से ट्रेनें सीटी बजाकर गुजर जाती हैं, पर एक मिनट के लिए भी ठहराव नहीं है. पाकुड़ जैसे जिले से रेलवे को हर दिन लगभग 10 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है. लेकिन मिनट भर के लिए भी दिल्ली-पटना के लिए ट्रेनों का ठहराव नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है.
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पैसेंजर ट्रेन के बदले मालगाड़ी पर विशेष ध्यान
केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ने कहा कि रेलवे सिर्फ अपने मकसद पर काम कर रहा है. रेलवे पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के बजाय मालगाड़ियां चला रहा है. पाकुड़ और साहिबगंज जिले के यात्रियों की सुविधा पर कोई ध्यान नहीं है. पाकुड़ के लोगों को दिल्ली या पटना जाने के लिए यहां से 40-50 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के फरक्का या मालदा जाकर ट्रेन पकड़ना पड़ता है. इससे दुर्भाग्यपूर्ण बात क्या हो सकती है. इस मामले को लेकर आंदोलन शुरू हो चुका है और इस आंदोलन को झारखंड मुक्ति मोर्चा खुलकर समर्थन करती है.
उन्होंने कहा कि आंदोलन में झारखंड मुक्ति मोर्चा पत्थर व्यवसायियों के साथ खड़ी है. इस बार की लड़ाई आर-पार की लड़ाई है. किसी भी हालत में हम झुकने वाले नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक यहां से ना तो पत्थर जाएगा और ना ही कोयला जाएगा. झारखंड मुक्ति मोर्चा भी खुलकर आंदोलन करने जा रही है. अमड़ापाड़ा कोल माइंस का कोयला यहीं पर रोक दिया जाएगा.
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जब तक सुविधा नहीं तब तक कोयला-पत्थर की ढुलाई बंद
इसी दौरान महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने घोषणा किया कि 24 जनवरी से पत्थर के साथ-साथ कोयला परिवहन को भी रोक दिया जाएगा. किसी भी हालत में पाकुड़ से कोयला जाने नहीं दिया जाएगा. लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि रेलवे यात्री सुविधाओं को लेकर किस कदर लापरवाह है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चार दिन से आंदोलन चल रहा है, लेकिन रेलवे का कोई भी सक्षम अधिकारी अभी तक जानकारी लेने नहीं पहुंचा है. यह साफ दर्शाता है कि रेलवे को पाकुड़ के यात्रियों की सुविधा से कोई मतलब नहीं है. इसलिए झारखंड मुक्ति मोर्चा ऐलान करती है कि पाकुड़ से पत्थर और कोयला का परिवहन तब तक बंद रहेगा, जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती है. आयोजित बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों की भी चर्चा की गई.
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