RANCHI : प्रधान मुख्य वन संरक्षक झारखंड रांची संजीव कुमार की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई. बैठक पलाश सभागार में आयोजित की गई. प्रधान मुख्य वन संरक्षक झारखंड संजीव कुमार ने सभी आरसीसीएफ और डीएफओ को अगले 5 वर्ष की कार्य योजना बनाकर 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है, ताकि वन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके.
पीसीसीएफ संजीव कुमार ने सभी आरसीसीएफ डीएफओ को निर्देश दिया कि हाथी से उत्पन्न हो रहे समस्या के समाधान के लिए यथाशीघ्र क्यू आर टी टीम, ट्रेंकुलाइजैसन, एम्बुलेंस आदि की व्यवस्था की जाए तथा जनता का सहयोग भी इस कार्य के लिए लिया जाए, जिससे मानव और पशु संघर्ष को रोका जा सके. ग्रामीण जनता से भी वन अधिकारियों को जुड़ने का निर्देश दिया गया है ताकि हाथी के आने पर तुरंत सूचना प्राप्त हो सके और वन विभाग त्वरित कार्रवाई कर सके.
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इस बैठक के मुख्य समीक्षात्मक बिंदु वन प्रबंधन, वन अपराध, वन भूमि अतिक्रमण, अवैध खनन अवैध आरा मिल, वन्य जीव संबंधित अपराध, लंबित मुआवजा भुगतान, वन भूमि संबंधित अभिलेख का रखरखाव, न्यायिक वादों की समीक्षा, कार्य योजना,अग्नि सुरक्षा, सेवांत लाभ, विभिन्न संवर्गों के नियुक्ति की स्थिति, ऑडिट पारा के निष्पादन की स्थिति, एम्पलाई रिकॉर्ड मैनेजमेंट सिस्टम, वन्य प्राणी प्रबंधन, नए चिड़ियाघरों की स्थापना, हाथी की मृत्यु, हाथी एवं मानव संघर्ष, वन्य जीव संबंधी दुर्घटना, मुआवजा भुगतान की स्थिति, राज्य एवं केंद्र संपोषित योजनाओं की स्थिति, विभिन्न योजना का क्रियान्वयन, इको टूरिज्म ,इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट राजस्व प्राप्ति आदि पर गहन रूप से समीक्षा की गई.
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प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने कहा मानव और पशु संघर्ष को हमें काम करना है और मानव एवं पशुओं की सुरक्षा करना है. प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने कहा वनों की सुरक्षा को हर हाल में करना है। वन भूमि अतिक्रमण को रोकना है. इस बैठक प्रधान मुख्य वन संरक्षक वाइल्ड लाइफ परितोष उपाध्याय, एटी मिश्रा, सीसीएफ वाइल्ड लाइफ एस आर नटेश, वन संरक्षक प्रशासन पी आर नायडू, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रशासन अजिंक्या बानकर, झारखंड राज्य के सभी मुख्य वन संरक्षक, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक वन प्रमंडल पदाधिकारी, आदि ने भाग लिया.
