DHANBAD : धनबाद में जमीन के मुआवजा से संबंधित घोटाले को लेकर एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है. लगभग 300 करोड़ के जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले को लेकर एसीबी ने धनबाद, रांची और देवघर से 15 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है. एसीबी ने अलग-अलग जगहों में छपा मार कर इन लोगों को गिरफ्तार किया. बताया जा रहा है कि एसीबी की गिरफ्त में आए लोगों में कई जमीन बिचौलिए सहित भू-राजस्व विभाग से जुड़े पूर्व अधिकारी भी शामिल हैं.
इसे भी पढ़ें : शिबू सोरेन जयंती पर 11 जनवरी को खेलगांव में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड संवाद
क्या था मामला
राज्य सरकार ने धनबाद में रिंग रोड बनाने के लिए 2011-2012 में धनसार, झरिया, मनईटांड़ सहित कई अंचलों में जमीन अधिग्रहीत की थी. लेकिन रैयतों को मुआवजा भुगतान करने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया. आरोप के मुताबिक यह घोटाला लगभग 300 करोड़ का है.
वर्ष 2014 में यह मामला सामने आने पर राज्य सरकार ने निगरानी ब्यूरो को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी. बाद में यह मामला एसीबी को 2015 में दिया गया.
इस मामले में 2016 में एफआईआर दर्ज किया गया था. प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की बात सामने आई जिसके बाद तत्कालीन भू-राजस्व पदाधिकारी उदयकांत पाठक, लाल मोहन नायक समेत कई अधिकारियों का निलंबन हुआ था.
इसे भी पढ़ें : कवियों के स्वर से गूंजा शिबू सोरेन स्मृति भवन सभागार
हाई कोर्ट का दबाव
रांची हाई कोर्ट ने 2024 में इस बात पर हैरानी व नाराजगी जताई थी कि अधिसूचना जारी होने के 13 वर्ष बाद भी सड़क नहीं बन पाई है जबकि जमीन अधिग्रहण भी हो चुका है. माना जा रहा है कि एसीबी की यह दबिश, हाईकोर्ट के उसी दबाव का परिणाम है.
