मो. यासार आराफात
PAKUR : देर रात को हुई विवाद को लेकर शुक्रवार को दो पक्षों के बीच बमबारी का मामला प्रकाश में आया है. घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के झिकरहाटी नया टोला की बतायी जा रही है. जानकारी के अनुसार 1 जनवरी की रात कालू शेख एवं बैतूल से के बीच पिकनिक मनाने के दौरान विवाद उत्पन्न हो गया था. विवाद इतना उत्पन्न हुआ था कि देर रात में ही पंचायती कर मामले को सुलझा दिया गया था. हालांकि शुक्रवार की सुबह से ही दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे के प्रति विवाद भरी बात कर रहे थे. इतने में ही कालू शेख एवं बैदुल शेख के बीच विवाद उत्पन्न हो गया.

विवाद इतना बढ़ गया कि चार बजे नया टोला स्थित एक खेत में तीन सुतली बम फोड़ा गया. बम फोड़ने की आवाज सुनकर लोगों में अफरातफरी मच गया. हालांकि बमबारी की घटना में किसी भी तरह का कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है. इधर घटना की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना प्रभारी गौरव कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी लिया. पुलिस पहुंचने से पहले ही दोनों पक्ष के लोग फरार हो गए थे. पुलिस गांव में ही बमबारी मामले की पहचान करने में लगी है.
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थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि बमबारी की घटना की खबर मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन किया गया है. घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गया है पुलिस आरोपी की पहचान करने में जुटी है.
झिकरहटी में बात-बात पर हो जाती है बमबारी….
झिकरहटी के इलाकों में बात-बात पर बमबारी हो जाती है. अब तक बमबारी के कई सारे मामले सामने आ चुके हैं. झिकरहटी के कई लोगों के बमबारी के अलावा आर्म्स एक्ट में नाम आ चुके हैं. इनमें बैदुल शेख और मेनारुल शेख का नाम हमेशा सुर्खियों में रहा है. इनके अलावा शक्कु शेख पिता जमशेद शेख, रकिबुल शेख उर्फ रक्कु पिता जमशेद शेख, राहिजुल शेख पिता जमशेद शेख, नाजिबुल शेख पिता भुलू शेख का नाम भी सुर्खियों में रहा है.

मुफस्सिल थाना और मालपहाड़ी ओपी में दर्ज कांड संख्या 164/24, 267/22, 153/24, 176/24 में इनके नाम आ चुके हैं. जो बमबाजी और डकैती की योजना बनाते पिस्तौल के साथ पकड़े जाने से संबंधित है. इनमें से मेनारुल शेख जेल की हवा खा चुके हैं. इधर सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार बैदूल शेख 2024 के बमबारी मामले में भी शामिल थे. इस घटना में उसके खिलाफ मालपहाड़ी ओपी में भी केस दर्ज है.
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पुलिस उसकी गिरफ्तारी को लेकर पहले से ही छापेमारी कर रही है. हर बार पुलिस के हाथ से आरोपी फरार चल रहे हैं. वहीं सूत्रों के मुताबिक गांव में ड्रग्स और गांजा की बिक्री और जुआ में इन लोगों की बड़ी भूमिका है. जिसका विरोध करने पर ग्रामीणों से ही उलझ पड़ते हैं.
