PALAMU : वन्य जीवों की तस्करी के मामले में एक बड़ा खुलासा करते हुए इसमें संलिप्त 61 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के जंगलों में जीवों का शिकार कर तस्करी करने वालों के पास से वन्यजीव एवं उनके अवशेष बरामद किए गए हैं. पलामू टाइगर रिजर्व और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के साझा अभियान में झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं बिहार के इलाकों में छापा मार कर 61 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इनका नेटवर्क चीन, नेपाल, बांग्लादेश और साउथ ईस्ट एशिया तक फैला हुआ है.
इसे भी पढ़ें : सारंडा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, एक करोड़ के इनामी अनल दा’ समेत 11 से ज्यादा नक्सली मारे गए
क्या-क्या हुआ बरामद
इन तस्करों के पास से भारी मात्रा में वन्य जीवों के अवशेष बरामद किए गए. जिसमें 60 किलोग्राम पैंगोलिन का शल्क, एक तेंदुआ का खाल, बाघ की हड्डी का पाउडर, सांप का जहर 1200 ग्राम, मोर का पंख. इसके साथ ही 2 रेड सैंड बोआ, 2 हिरण, बरामद किया गया. इस ऑपरेशन में झारखंड के पलामू, गढ़वा, लातेहार, रांची, जमशेदपुर, पालकोट, गुमला, छत्तीसगढ़ की जसपुर, बलरामपुर, डीडीयूएस टाइगर रिजर्व, बिहार की बांका एवं दरभंगा के डीएफओ की संयुक्त टीमें शामिल थीं.
अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस संगठित अपराध का नेटवर्क बांग्लादेश, नेपाल, चीन सहित दक्षिण पूर्वी एशिया तक फैला हुआ है. वन्यजीव और उनके अवशेषों को पहले बांग्लादेश और नेपाल भेजा जाता है फिर वहां से चीन और दक्षिण पूर्वी एशिया में तस्करी किया जाता है. जानकारी के अनुसार चीन इन जीवों का सबसे बड़ा मार्केट है.
इसे भी पढ़ें : सारंडा में मारा गया ऊपरघाट निवासी झारखंड का मोस्ट वांटेड एक करोड़ का इनामी नक्सली अनमोल उर्फ समर दा
पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक ने क्या कहा
पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकान्त जेना ने जानकारी देते हुए बताया कि झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में किए गए कार्रवाई में 61 तस्करों को पकड़ा गया है. वन्यजीव से जुड़ी हुई कई चीजें बरामद की गईं हैं. पिछले दो महीने से इस पर काम किया जा रहा था जिसमें कई सारी जानकारी मिली. यह नेटवर्क बहुत बड़ा होने साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर का भी है.
