Vaibhav Pandey
RAMGARH : झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रजरप्पा मंदिर में रविवार शाम एक विवादित घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में चर्चा और नाराजगी का माहौल पैदा कर दिया है. मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों और एक श्रद्धालु के बीच हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो सामने आते ही मामले ने तूल पकड़ लिया और लोगों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी. घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
यह मामला रामगढ़ जिले के रामगढ़ स्थित रजरप्पा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि घटना रविवार शाम करीब 5:30 बजे से 6:00 बजे के बीच मंदिर परिसर में हुई. उस समय मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ मौजूद थी. घटना के बाद कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. देखें वीडियो..
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क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार एक श्रद्धालु अपने परिवार के साथ रजरप्पा मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था. बताया जा रहा है कि वह परिवार के साथ मंदिर परिसर के पीछे वाले रास्ते से प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे रोक दिया और निर्धारित मार्ग से आने के लिए कहा.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी बात को लेकर श्रद्धालु और पुलिसकर्मियों के बीच पहले बहस शुरू हुई. कुछ ही देर में यह कहासुनी विवाद में बदल गई और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई. बताया जा रहा है कि घटना के समय श्रद्धालु की पत्नी भी वहीं मौजूद थी और पूरे घटनाक्रम को देख रही थी.
मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया और स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं में भी नाराजगी देखने को मिली.
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में चार पुलिसकर्मी एक व्यक्ति को पकड़कर उसके साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी उस व्यक्ति को घेरकर धक्का-मुक्की और मारपीट कर रहे हैं. वहीं आसपास मौजूद कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए नजर आ रहे हैं.
वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि धार्मिक स्थल के भीतर इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. कई लोगों ने इसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया.
पुजारियों ने कराया बीच-बचाव
घटना के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद स्थानीय पुजारियों ने स्थिति को बिगड़ते देख हस्तक्षेप किया. उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की और विवाद को शांत कराया. पुजारियों के हस्तक्षेप के बाद श्रद्धालु परिवार को मंदिर परिसर से बाहर ले जाया गया, जिससे माहौल धीरे-धीरे सामान्य हो सका.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी, क्योंकि उस समय मंदिर परिसर में काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
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लोगों में नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय लोगों और मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच काफी नाराजगी देखी जा रही है. कई लोगों का कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक और आस्था के केंद्र में इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में उचित नहीं है.
लोगों ने यह भी कहा कि पुलिस का काम व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन अगर पुलिसकर्मी ही मारपीट पर उतर आएं तो इससे गलत संदेश जाता है. सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने इस घटना की आलोचना की और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
प्रशासन ने लिया संज्ञान
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया. रामगढ़ के प्रभारी एसडीपीओ चन्दन वत्स ने घटना की जांच शुरू कर दी. प्रारंभिक जांच के बाद मामला गंभीर पाया गया.
इसके बाद जिले के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर घटना में शामिल चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई. जिन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, उनमें श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन शामिल हैं.
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी.
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद किस वजह से बढ़ा और किन परिस्थितियों में मारपीट की स्थिति बनी. इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि क्या पुलिसकर्मियों की ओर से नियमों का उल्लंघन किया गया.
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि अगर जांच में किसी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ अन्य कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं.
मंदिर की व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. कई लोगों का कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रवेश और निकास के स्पष्ट और व्यवस्थित मार्ग होने चाहिए, ताकि इस तरह की स्थिति पैदा न हो.
स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर व्यवस्थाएं बेहतर हों और श्रद्धालुओं को स्पष्ट जानकारी दी जाए तो ऐसे विवादों से बचा जा सकता है.
फिलहाल स्थिति सामान्य
घटना के बाद कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में तनाव का माहौल जरूर बन गया था, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई. श्रद्धालु अपने-अपने तरीके से दर्शन-पूजन करते रहे और मंदिर में पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा.
हालांकि वायरल वीडियो और पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.
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